बुधवार 15 जुलाई 2026 - 15:28
कुवैत में अमेरिकी सेना का प्रमुख लॉजिस्टिक केंद्र नष्ट कर दिया।

हौज़ा / इस्लामी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि अमेरिका की कथित आक्रामक कार्रवाइयों के जवाब में चलाए जा रहे "ऑपरेशन नस्र-2" के चौथे चरण के दौरान कुवैत के मीना अब्दुल्ला क्षेत्र में स्थित अमेरिकी सेना के मुख्य लॉजिस्टिक एवं सपोर्ट केंद्र केजेएल को निशाना बनाकर नष्ट कर दिया गया।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , इस्लामी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि अमेरिका की कथित आक्रामक कार्रवाइयों के जवाब में चलाए जा रहे ऑपरेशन नस्र-2 के चौथे चरण के दौरान कुवैत के मीना अब्दुल्ला क्षेत्र में स्थित अमेरिकी सेना के मुख्य लॉजिस्टिक एवं सपोर्ट केंद्र "केजेएल" को निशाना बनाकर नष्ट कर दिया गया।

आईआरजीसी के जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी बयान में कहा गया कि यह अभियान "या अबा अब्दिल्लाह अल-हुसैन" के कोड नाम के तहत अंजाम दिया गया।

बयान के अनुसार, अमेरिका ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य में अपनी सैन्य उपस्थिति स्थापित करने की कोशिश की लेकिन जब कोई जहाज़ उसकी योजना का हिस्सा नहीं बना तो अपनी विफलता छिपाने के लिए अमेरिकी सेना ने ईरान के दक्षिणी तटीय क्षेत्रों और कई अन्य स्थानों पर क्रूज़ मिसाइलों तथा लड़ाकू विमानों से हमले किए। इसके जवाब में ईरानी सशस्त्र बलों ने अमेरिकी सेना को भारी नुकसान पहुँचाने का दावा किया।

बयान में आगे कहा गया कि ऑपरेशन नस्र-2 के चौथे चरण में कुवैत के मीना अब्दुल्ला स्थित अमेरिकी सेना के मुख्य लॉजिस्टिक एवं सपोर्ट केंद्र "केजेएल" में आग लगाकर उसे पूरी तरह नष्ट कर दिया गया।

आईआरजीसी ने अपने बयान के अंत में कहा कि अमेरिकी आक्रामकता समाप्त होने तक जवाबी कार्रवाई जारी रहेगी और होर्मुज़ जलडमरूमध्य भी तब तक बंद रहेगा, जब तक अमेरिका अपनी गतिविधियाँ बंद नहीं करता।

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