हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, इमाम ख़ुमैनी मेमोरियल ट्रस्ट कारगिल के तत्वावधान में "इमाम ख़ामनेई अलविदा" के शीर्षक से एक भव्य प्रतीकात्मक जनाज़ा निकाला गया, जिसमें कारगिल ज़िले के विभिन्न क्षेत्रों से हजारों पुरुषों, महिलाओं और बच्चों ने भाग लिया।
फ़ोटो देखने के लिए क्लिक करः कारगिल में शहीद सर्वोच्च नेता का ऐतिहासिक प्रतीकात्मक जनाज़ा, हजारों लोगों की भागीदारी
यह जुलूस ज़ैनबिया चौक से शुरू हुआ और मुख्य बाज़ार से होता हुआ हुसैनी पार्क पहुँचा, जहाँ समापन सभा आयोजित की गई। जुलूस के दौरान अज़ादारों ने मातम किया, नौहा और मर्सिया पढ़े तथा अमेरिका और इस्राइल के विरुद्ध नारे लगाए।
प्रतिभागियों ने इमाम ख़ामनेई और उनके परिवार से संबंधित प्रतीकात्मक ताबूत उठा रखे थे। प्रतिभागियों और आयोजकों के अनुसार, ये ताबूत उन लोगों की याद में थे जो युद्ध के दौरान एक साथ शहीद हुए। आयोजकों का कहना था कि यह सभा कारगिल ज़िले की सबसे बड़ी जनसभाओं में से एक है, जिसके माध्यम से शहीद नेता और उनके द्वारा प्रस्तुत इस्लामी शासन व्यवस्था के प्रति जनता की गहरी श्रद्धा, सम्मान और एकजुटता का प्रदर्शन किया गया।
हुसैनी पार्क में आयोजित समापन सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने शहीद नेता के जीवन और सेवाओं को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि इमाम ख़ामनेई ने न्याय, सम्मान और मुस्लिम उम्मत की एकता के लिए हमेशा दृढ़ता के साथ संघर्ष किया। वक्ताओं ने उपस्थित लोगों से आग्रह किया कि वे इन्हीं उच्च सिद्धांतों और मूल्यों पर एकजुट और दृढ़ रहें।
सभा के दौरान प्रतिभागियों ने आयतुल्लाह सैयद मुजतबा ख़ामनेई के प्रति अपनी निष्ठा व्यक्त करते हुए उन्हें अपना भावी नेता घोषित किया। साथ ही उन्होंने एकता, न्याय, अत्याचार के विरुद्ध प्रतिरोध और पीड़ितों के समर्थन के संकल्प को दोहराया।
अंत में आयोजकों ने प्रतीकात्मक जनाज़े में बड़ी संख्या में भाग लेने के लिए जनता का धन्यवाद किया और इसके शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित आयोजन में सहयोग करने वाले स्वयंसेवकों, स्थानीय प्रशासन और सभी संबंधित संस्थानों की सेवाओं की सराहना की।
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