मंगलवार 7 जुलाई 2026 - 17:48
अमेरिका मुर्दाबाद, इस्राईल मुर्दाबाद के नारों से गूंज उठा क़ुम अलमुकद्दस

हौज़ा / रहबर शहीद के जनाज़े में मौजूद लोगों ने “अमेरिका मुर्दाबाद” और इस्राईल मुर्दाबाद” के नारे लगाए। महिलाओं और पुरुषों ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए अंतिम विदाई दी।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , ईरान के शहीद सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह ख़ामेनेई और उनके परिवार के शहीदों को अंतिम विदाई देने के लिए क़ुम शहर में लाखों लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। पवित्र मस्जिद-ए-जमकरान में आयोजित विदाई और नमाज़-ए-जनाज़ा के कार्यक्रम में ईरान के विभिन्न प्रांतों के साथ-साथ लेबनान, इराक़ और अन्य देशों से आए श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया।

समारोह के दौरान वातावरण पूरी तरह ग़मगीन रहा। एक लेबनानी बच्ची शहीद नेता का ज़िक्र करते हुए भावुक होकर रो पड़ी, जबकि शोकसभा में मौजूद लोगों ने “अमेरिका मुर्दाबाद” और “अल्लाहु अकबर” के नारे लगाए। महिलाओं और पुरुषों ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए अंतिम विदाई दी।

इराक़ी श्रद्धालुओं ने क़ुम में शहीद सुप्रीम लीडर के ख़ून का बदला लेने का प्रतीकात्मक झंडा बुलंद किया

मस्जिद-ए-जमकरान में लसारातल हुसैन (अ)” लिखे लाल झंडे लहराए गए। इराक़ से आए श्रद्धालुओं ने भी शहीद नेता के ख़ून का बदला लेने के प्रतीकस्वरूप झंडे बुलंद किए।

पूर्व हिज़्बुल्लाह महासचिव शहीद सैयद हसन नसरुल्लाह के पुत्र ने भी विदाई समारोह में भाग लिया

पूर्व हिज़्बुल्लाह महासचिव शहीद सैयद हसन नसरुल्लाह के पुत्र भी इस समारोह में उपस्थित रहे। वहीं, आयतुल्लाह जवादी आमोली ने शहीद नेता और उनके परिवार के पार्थिव शरीर पर फ़ातेहा पढ़ी तथा नमाज़-ए-जनाज़ा अदा करते समय अत्यंत भावुक हो गए।

शहीद नेता का पवित्र पार्थिव शरीर पहले मस्जिद-ए-जमकरान में आम लोगों के अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। इसके बाद पैग़म्बर-ए-आज़म (स) बुलेवार्ड से हज़रत फ़ातेमा मासूमा (स) के पवित्र हरम की ओर अंतिम यात्रा निकाली गई। लाखों शोकाकुल लोगों ने जनाज़े को अपने कंधों पर उठाकर श्रद्धापूर्वक अंतिम विदाई दी।

मस्जिद-ए-जमकरान और उसके आसपास का पूरा क्षेत्र श्रद्धालुओं से भर गया था। देश-विदेश से आए लोगों की भारी मौजूदगी ने क़ुम को शहीद नेता के चाहने वालों का केंद्र बना दिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान शोक, श्रद्धा और भावनाओं का अनूठा दृश्य देखने को मिला।

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