हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, बहरैन की इस्लामी आंदोलन के नेता आयतुल्लाह शेख ईसा कासिम ने अपने संदेश में शहीद रहबर सय्यद अली खामेनेई के जनाजे के इराक में हुए भव्य स्वागत और ऐतिहासिक अंतिम यात्रा पर इराकी जनता का धन्यवाद करते हुए कहा कि इस महान सभा ने पूरी दुनिया के सामने धार्मिक नेतृत्व, त्याग, धार्मिक समझ और मुस्लिम उम्मत की एकता का व्यावहारिक उदाहरण प्रस्तुत किया।
उन्होंने नजफ अशरफ के धार्मिक विद्वानों, शहीद सद्र के अनुयायियों और इराक के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आपने शहीद रहबर की अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में शामिल होकर इस्लाम, उम्मत के वर्तमान और भविष्य तथा अपनी धार्मिक और आध्यात्मिक जिम्मेदारियों को पूरा किया है।
आयतुल्लाह शेख ईसा कासिम ने कहा कि लाखों लोगों पर आधारित यह ऐतिहासिक सभा अल्लाह, इस्लाम धर्म, पैगंबर मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व आलेहि वसल्लम, अहले बैत अलैहिमुस्सलाम और उनके उत्तराधिकारी धर्मगुरुओं व विद्वानों के प्रति वास्तविक लगाव का प्रतीक थी। उनके अनुसार, यह सभा इस बात की घोषणा भी थी कि मुस्लिम उम्मत अत्याचार और साम्राज्यवाद के खिलाफ अपने रुख पर दृढ़ है और कमजोर तथा पीड़ित राष्ट्रों का समर्थन जारी रखेगी।
उन्होंने आगे कहा कि इस स्वागत ने स्पष्ट कर दिया कि समाज की सफलता और स्थिरता नेक, योग्य, धर्मपरायण और चरित्रवान नेतृत्व के चयन से जुड़ी होती है, और यही वह सिद्धांत है जिसकी शिक्षा इस्लाम देता है।
बहरैनी नेता ने कहा कि इमाम-ए-शहीद की अंतिम यात्रा ने वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक उज्ज्वल संदेश छोड़ा है कि उम्मत अपने धार्मिक नेतृत्व के प्रति वफादार रहेगी और इस मार्ग से कभी पीछे नहीं हटेगी।
अपने संदेश के अंत में आयतुल्लाह शेख ईसा कासिम ने सभी ईमान वालों, वंचितों और स्वतंत्रता पसंद लोगों की ओर से इराकी जनता का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनका यह महान कार्य पूरी उम्मत के लिए गर्व का कारण है और अल्लाह उन्हें इसका सर्वोत्तम प्रतिफल प्रदान करेगा।
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