गुरुवार 24 सितंबर 2026 - 05:07
जमीयत उलमा-ए-असना अशरिया करगिल के तत्वावधान में आयतुल्लाह ज़ंजानी की याद में मजलिस

हौज़ा / जमीयत उलमा-ए-असना अशरिया करगिल-लद्दाख के तत्वावधान में हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद मूसा शुबैरी ज़ंजानी रिज़वानुल्लाह तआला अलैह के दुखद निधन पर उनके ईसाले सवाब और बुलंदी-ए-दरजात के लिए हौज़ा इल्मिया असना अशरिया करगिल के परिसर में मजलिस-ए-तरहीम और फातेहा ख्वानी का आयोजन किया गया।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , इस मजलिस में जमीयत उलमा-ए-असना अशरिया करगिल-लद्दाख के अध्यक्ष हुज्जतुल इस्लाम वल-मुस्लिमीन शेख नाज़िर महदी मुहम्मदी, उपाध्यक्ष हुज्जतुल इस्लाम वल-मुस्लिमीन सैयद मुहम्मद ज़िया उद्दीन मूसा, महासचिव हुज्जतुल इस्लाम वल-मुस्लिमीन शेख महबूब अली खान वजदानी, उलमा काउंसिल के सदस्य, हौज़ा इल्मिया असना अशरिया करगिल के शिक्षक और छात्र तथा करगिल जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए सादात, उलमा, इमामे जुमा व जमाअत और बड़ी संख्या में मोमिनीन ने भाग लिया।

मजलिस के दौरान हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद मूसा शुबैरी ज़ंजानीؒ की इल्मी, धार्मिक और हौज़वी सेवाओं को याद किया गया। उनके लिए फातेहा ख्वानी और ईसाले सवाब किया गया। उलमा-ए-किराम ने मरहूम की इल्मी सेवाओं, हौज़ा-ए-इल्मिया की सरपरस्ती, धार्मिक ज्ञान के प्रचार और मक्तब-ए-अहले-बैतؑ के प्रचार-प्रसार में उनकी उल्लेखनीय भूमिका को श्रद्धांजलि पेश की।

इस अवसर पर उलमा-ए-किराम ने मरहूम के लिए बारगाह-ए-इलाही में मगफिरत, रहमत और बुलंदी-ए-दरजात की दुआ की। साथ ही उम्मत-ए-मुस्लिमा, विशेष रूप से मक्तब-ए-अहले-बैतؑ के अनुयायियों तथा मरहूम के परिजनों और संबंधित लोगों के लिए सब्र-ए-जमील की दुआ की गई।

जमीयत उलमा-ए-असना अशरिया करगिल-लद्दाख की ओर से मजलिस-ए-फातेहा में शामिल होने वाले सभी सादात, उलमा, शिक्षकों, छात्रों और मोमिनीन का शुक्रिया अदा किया गया। साथ ही मरहूम मरजा-ए-आलीक़द्र के लिए अधिक से अधिक ईसाले सवाब, तिलावते कुरआन और दुआ-ए-मगफिरत करने की अपील की गई।

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