बुधवार 15 जुलाई 2026 - 22:24
करगिल में हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन शेख मोहम्मद हुसैन मुकद्दस की चार विद्वत्तापूर्ण पुस्तकों का लोकार्पण

 जमीयत-उल-उलेमा इस्ना अशरिय्या करगिल के साहित्य विभाग के तत्वावधान में तथा अल-मुन्तज़िर एसोसिएशन पशकम के सहयोग से हौज़ा-ए-इल्मिया इस्ना अशरिय्या करगिल में हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन शेख मोहम्मद हुसैन मुकद्दस की चार महत्वपूर्ण धार्मिक एवं विद्वत्तापूर्ण पुस्तकों का गरिमामय लोकार्पण समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर उलेमा, बुद्धिजीवी, साहित्यकार, जनप्रतिनिधि तथा समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी अनेक प्रतिष्ठित हस्तियाँ उपस्थित रहीं।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, करगिल (लद्दाख) में जमीयत-उल-उलेमा इस्ना अशरिय्या करगिल के साहित्य विभाग और अल-मुन्तज़िर एसोसिएशन पशकम के संयुक्त सहयोग से हौज़ा-ए-इल्मिया इस्ना अशरिय्या करगिल में यह विशेष समारोह आयोजित किया गया। इस आध्यात्मिक और ज्ञानवर्धक आयोजन में बड़ी संख्या में उलेमा, विद्वान, साहित्यकार, जनप्रतिनिधि, सरकारी अधिकारी तथा समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़े सम्मानित नागरिक शामिल हुए।

इस अवसर पर जिन चार पुस्तकों का लोकार्पण किया गया, उनमें "फ़ज़ाइल-ए-सैय्यदा फ़ातिमा ज़हरा (स.)", "फ़ज़ाइल-ए-अमीरुल मोमिनीन इमाम अली (अ.)", "नफ़ाइसुल अख़बार" और "नुबुव्वत की शुआएँ" शामिल हैं। ये सभी पुस्तकें पवित्र कुरआन और अहल-ए-बैत (अ.) की शिक्षाओं से गहरे जुड़ाव, दीर्घकालीन शोध तथा निरंतर बौद्धिक परिश्रम का परिणाम हैं।

समारोह की अध्यक्षता जमीयत-उल-उलेमा इस्ना अशरिय्या करगिल (लद्दाख) के अध्यक्ष हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन शेख नाज़िर मेहदी मोहम्मदी ने की। इस अवसर पर संगठन के महासचिव, उपाध्यक्ष, मजलिस-ए-उलेमा के सदस्य तथा अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में लद्दाख स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषद (एलएएचडीसी) करगिल के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी पार्षद डॉ. मोहम्मद जाफर अख़ून, लद्दाख के सांसद हाजी मोहम्मद हनीफ़ा जान, पूर्व मुख्य कार्यकारी पार्षद फिरोज़ अहमद खान, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलों के निदेशक ताहिर हुसैन ज़बदवी, पद्मश्री सम्मानित अख़ून असगर अली बशारत, राज्य पुरस्कार प्राप्त लेखक काचो इस्फंदियार खान फ़रीदून, गुलाम अहमद जवान, पार्षद हाजी मोहम्मद अब्बास अदलपा, जमीयत-उल-उलेमा इस्ना अशरिय्या करगिल के राजनीतिक मामलों के प्रभारी सज्जाद हुसैन करगली, साहित्य विभाग के अध्यक्ष मोहम्मद तक़ी खान नायाब सहित अनेक प्रसिद्ध उलेमा, विद्वान, साहित्यकार, सरकारी अधिकारी और सम्मानित नागरिक उपस्थित रहे।

अपने अध्यक्षीय संबोधन में मौलाना शेख नाज़िर मेहदी मोहम्मदी ने आयतुल्लाह शेख मोहम्मद हुसैन मुकद्दस की दीर्घकालीन धार्मिक, शैक्षणिक और शोधपरक सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि उनका उच्च विद्वत्तापूर्ण स्थान, परहेज़गारी, वैचारिक दूरदर्शिता और अहल-ए-बैत (अ.) के विचारधारा के प्रति उनकी अटूट निष्ठा उनकी विशिष्ट पहचान है।

उन्होंने कहा कि इन चार व्यापक शोधपरक पुस्तकों का प्रकाशन कई दशकों की निरंतर मेहनत, अनुसंधान और गहन अध्ययन का परिणाम है। लंबे समय से अस्वस्थ रहने के बावजूद आयतुल्लाह मुकद्दस ने अपनी लेखनी के माध्यम से इस्लाम की सेवा का कार्य लगातार जारी रखा है। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी कई अन्य महत्वपूर्ण पुस्तकें भी प्रकाशनाधीन हैं।

अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी पार्षद डॉ. मोहम्मद जाफर अख़ून ने अपने संबोधन में इस आयोजन को लद्दाख के धार्मिक और बौद्धिक इतिहास का एक महत्वपूर्ण पड़ाव बताया। उन्होंने कहा कि पहली बार किसी एक धर्मविद् की चार महत्वपूर्ण पुस्तकों का एक साथ प्रकाशित होना इस क्षेत्र की समृद्ध ज्ञान-परंपरा और बौद्धिक धरोहर का प्रमाण है।

लद्दाख के सांसद हाजी मोहम्मद हनीफ़ा जान ने कहा कि पिछले एक वर्ष से वे इस धार्मिक और शैक्षणिक परियोजना से निकटता से जुड़े हुए हैं तथा आयतुल्लाह शेख मोहम्मद हुसैन मुकद्दस का सान्निध्य अपने लिए सौभाग्य मानते हैं। उन्होंने कहा कि आयतुल्लाह मुकद्दस से प्रत्येक मुलाक़ात उन्हें आध्यात्मिक प्रेरणा, ज्ञान और वैचारिक मार्गदर्शन प्रदान करती है।

समारोह का एक महत्वपूर्ण भाग नई प्रकाशित पुस्तकों पर विद्वत्तापूर्ण और शोधपरक समीक्षाओं के लिए समर्पित था। आगा हादी शाह हादी ने "फ़ज़ाइल-ए-सैय्यदा फ़ातिमा ज़हरा (स.)", सैय्यद मेहदी फ़ाज़ली ने "नुबुव्वत की शुआएँ", शेख महबूब वजदानी ने "फ़ज़ाइल-ए-अमीरुल मोमिनीन इमाम अली (अ.)" तथा हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन शेख इब्राहीम खलीली ने "नफ़ाइसुल अख़बार" पर विस्तृत समीक्षा प्रस्तुत की। उन्होंने इन पुस्तकों के शोध, विषय-वस्तु, ज्ञानवर्धक महत्व और धार्मिक उपयोगिता पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम के प्रारंभ में हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन शेख मोहम्मद हुसैन मुकद्दस के पुत्र मास्टर मोहम्मद मुकद्दस ने अपने पिता का संक्षिप्त जीवन-परिचय प्रस्तुत किया। उन्होंने उनकी शैक्षणिक यात्रा, धार्मिक सेवाओं, साहित्यिक एवं शोध कार्यों तथा पैग़म्बर मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व आलिहि वसल्लम) और अहल-ए-बैत (अ.) की शिक्षाओं के प्रचार-प्रसार के लिए उनके आजीवन प्रयासों का उल्लेख किया।

समारोह के समापन पर हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन शेख मोहम्मद हुसैन मुकद्दस के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और भविष्य में भी उनकी निरंतर शैक्षणिक एवं धार्मिक उपलब्धियों के लिए विशेष प्रार्थना की गई। उपस्थित सभी लोगों ने आशा व्यक्त की कि उनका ज्ञान-विरासत आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत सिद्ध होगी और इस्लामी समाज की बौद्धिक एवं शैक्षणिक धरोहर को और अधिक समृद्ध करेगी।

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