शहीद नेता के पवित्र पार्थिव शरीर की अंतिम यात्रा में बच्चों और युवाओं की बड़ी संख्या में भागीदारी ने इस बात को स्पष्ट कर दिया कि विलायत की विचारधारा नई पीढ़ी के दिलों में मज़बूती से स्थापित हो चुकी है। यह दृश्य केवल अंतिम विदाई का समारोह नहीं था, बल्कि शहीद नेता के महान मिशन, उनके बलिदानों तथा सम्मान और दृढ़ता के मार्ग की रक्षा के लिए आने वाली पीढ़ी के संकल्प और निष्ठा का भी स्पष्ट घोषणा-पत्र था।

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