हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, जामिया ज़हरा सलामुल्लाह अलैहा में शहीद क्रांति-नेता की अंतिम यात्रा के लिए गठित विशेष समिति के प्रमुख इंजीनियर हुसैन हदादी फाम ने बताया कि अंतिम यात्रा के दौरान जामिया ज़हरा ज़ायरीनों के आवास और सुविधाएँ प्रदान करने वाले प्रमुख केंद्रों में शामिल होगा। इसके लिए दूसरे मुहर्रम से ही विशेष समिति ने अपनी गतिविधियाँ शुरू कर दी थीं।
उन्होंने बताया कि ज़ायरीनों की बेहतर सेवा के लिए स्वागत, आवास, चिकित्सा, सुरक्षा, राहत और अन्य क्षेत्रों के कुल सात कार्य समूह बनाए गए, जिन्होंने लगातार बैठकों के माध्यम से सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया।
हदादी फाम के अनुसार, जामिया ज़हरा सलामुल्लाह अलैहा के सभी उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करते हुए 7,499 लोगों के ठहरने की क्षमता तैयार की गई है, ताकि जामिया ज़हरा, हुदा कॉलेज और अन्य संबंधित संस्थानों के छात्र-छात्राएँ अपने परिवारों के साथ अंतिम यात्रा में शामिल हो सकें।
उन्होंने कहा कि सबसे अधिक आवास सुविधा जामिया ज़हरा और उसके हॉस्टलों में प्रदान की गई है, जहाँ लगभग 1,400 महिलाओं के ठहरने की व्यवस्था की गई है, जबकि उनके साथ आने वाले अन्य लोगों के लिए अलग स्थान निर्धारित किए गए हैं।
जामिया ज़हरा के मानव संसाधन और राहत मामलों के सहायक ने बताया कि ज़ायरीनों की सेवा के लिए संस्थान में सात मोअक्कब (सेवा शिविर) लगाए जा रहे हैं, जिनमें से दो मुख्य परिसर के बाहर और पाँच अंदर होंगे, जहाँ पानी, चाय, शरबत और अन्य आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी।
उन्होंने आगे बताया कि चिकित्सा सेवाओं के लिए महिला और पुरुष डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और पारंपरिक चिकित्सा टीमों को भी तैनात किया गया है, ताकि ज़रूरत पड़ने पर तुरंत चिकित्सा सहायता प्रदान की जा सके।
हदादी फाम ने कहा कि एक विशेष मीडिया और सूचना टीम भी बनाई गई है, जो ज़ायरीनों की सेवा से जुड़ी सभी गतिविधियों की कवरेज और डॉक्यूमेंट्री बनाने का काम करेगी।
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