हौज़ा/ एक रिवायत में, पैग़म्बर मुहम्मद (स) ने फ़रमाया है कि लोगों की गलतियों को क्षमा करना जहन्नम के अज़ाब से नेजात का ज़रिया है।
हौज़ा / पैग़म्बर-ए-इस्लाम (स) ने एक हदीस में उन लोगों को सख्त अज़ाब से आगाह किया है जो बदज़बानी से लज़्ज़त हासिल करते हैं।