हौज़ा / जन्नत के लोग दुनिया की मना की हुई और गुनाह भरी खुशियों से दूर रहते थे, नेकी की ज़िंदगी जीते थे, और कुछ समय की और कुछ पल की खुशियों को पसंद नहीं करते थे। इसका नतीजा हमेशा रहने वाली खुशी,…
हौज़ा / जब फिक्री और अख़्लाक़ी लगज़ीश आम हो चुकी थीं, तो एक रिवायत में हज़रत इमाम हादी (अ.स.) एक बेहद अहम बीमारी की तरफ़ इशारा करते हैं,मुश्किलात को ज़माने से मंसुब करना...... ।
हौज़ा / आयतुल्लाहिल उज़्मा जवादी आमोली ने कहा: यह लिबास पैगंबर-ए-इस्लाम (स) का लिबास है। हमें बहुत सावधान और पवित्र रहना चाहिए। हम केवल अपनी बात लोगों के कानों तक पहुँचा सकते हैं, लेकिन बात कान…