आयतुल्लाह हाशिमी अलिया (6)
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आयतुल्लाह हाशमी अलिया:
उलेमा और मराजा ए इकरामईमान ए हक़ीक़ी सिर्फ़ अकीदा और अमल के साथ मुकम्मल होता है
हौज़ा/ आयतुल्लाह हाशमी अलिया ने ताक़ीद की कि हक़ीक़ी ईमान सिर्फ़ दिली अकीदे से पूरा नहीं होता, बल्कि इंसान के तमाम आज़ा के अमल के साथ ही उसका तहक़्क़ुक़ होता है।
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उलेमा और मराजा ए इकराममुसलमान होना काफ़ी नहीं, हक़ीक़ी कामयाबी ईमान के हुसूल में है।आयतुल्लाह हाशमी अलिया
हौज़ा / आयतुल्लाह हाशमी अलिया ने इस्लाम और ईमान के फ़र्क़ को वाज़ेह करते हुए फ़रमाया कि कलिमा-ए-शहादत का इक़रार करने से इंसान मुसलमान हो जाता है और इस्लाम के ज़ाहिरी व फ़िक़ही आसार उस पर जारी…
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उलेमा और मराजा ए इकराममाहे रमज़ान की हक़ीक़ी बरकतें विलायते अहले बैत(अ.स.) से अमली वाबस्तगी के ज़रिए ही हासिल होती हैं।आयतुल्लाह हाशमी अलीया
हौज़ा / आयतुल्लाह हाशमी अलीया ने फरमाया कि माहे रमज़ान की हक़ीक़ी बरकतें सिर्फ़ खाने-पीने से परहेज़ करने का नाम नहीं हैं, बल्कि रोज़े की असली शरायत की पाबंदी और विलायत-ए-अहल-ए-बैत(अ.स.) से अमली…
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ईरानदूसरों पर ज़ुल्म करने वाला इंसान दर हक़ीकत अपने नफ्स पर ज़ुल्म करता है। आयतुल्लाह हाशमी अलीया
हौज़ा / मदरस इल्मिया क़ायम अ.ज.शरह चीज़ार के संस्थापक आयतुल्लाह हाशमी अलीया ने कहा कि इंसान का हर पाप वास्तव में अपने आप पर अत्याचार है, क्योंकि अत्याचार का परिणाम सबसे पहले इंसान की आत्मा और…
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ईरानइंसान के नुकसान की असली वजह ईमान और अच्छे अमल से ग़ाफ़िल रहना हैः आयतुल्लाह हाशमी अलीया
हौज़ा / आयतुल्लाह हाशमी अलीया ने ज़ोर देकर कहा है कि इंसान जितनी कोशिश ईमान और अच्छे अमल के रास्ते में करता है तकलीफ़ सहता है और दुख-मुश्किल झेलता है वह सब उसी के फायदे में है लेकिन अगर वह अपने…
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ईरानज़ुल्म और मासीयत क़यामत की तारीकी हैं। आयतुल्लाह हाशिमी अलिया
हौज़ा / आयतुल्लाह हाशिमी अलिया संस्थापक मदरसा इल्मिया क़ायम अ.ज. शहर चीज़र ने अपने दर्स-ए-अख़लाक में कहा कि ज़ुल्म और गुनाह इंसान की ज़िंदगी को तबाह और क़यामत में उसके लिए अंधेरा का सबब बनता…