हौज़ा/ आयतुल्लाह हाशमी अलिया ने ताक़ीद की कि हक़ीक़ी ईमान सिर्फ़ दिली अकीदे से पूरा नहीं होता, बल्कि इंसान के तमाम आज़ा के अमल के साथ ही उसका तहक़्क़ुक़ होता है।
हौज़ा / आयतुल्लाह हाशमी अलिया ने इस्लाम और ईमान के फ़र्क़ को वाज़ेह करते हुए फ़रमाया कि कलिमा-ए-शहादत का इक़रार करने से इंसान मुसलमान हो जाता है और इस्लाम के ज़ाहिरी व फ़िक़ही आसार उस पर जारी…
हौज़ा / आयतुल्लाह हाशमी अलीया ने फरमाया कि माहे रमज़ान की हक़ीक़ी बरकतें सिर्फ़ खाने-पीने से परहेज़ करने का नाम नहीं हैं, बल्कि रोज़े की असली शरायत की पाबंदी और विलायत-ए-अहल-ए-बैत(अ.स.) से अमली…
हौज़ा / मदरस इल्मिया क़ायम अ.ज.शरह
चीज़ार के संस्थापक आयतुल्लाह हाशमी अलीया ने कहा कि इंसान का हर पाप वास्तव में अपने आप पर अत्याचार है, क्योंकि अत्याचार का परिणाम सबसे पहले इंसान की आत्मा और…
हौज़ा / आयतुल्लाह हाशमी अलीया ने ज़ोर देकर कहा है कि इंसान जितनी कोशिश ईमान और अच्छे अमल के रास्ते में करता है तकलीफ़ सहता है और दुख-मुश्किल झेलता है वह सब उसी के फायदे में है लेकिन अगर वह अपने…
हौज़ा / आयतुल्लाह हाशिमी अलिया संस्थापक मदरसा इल्मिया क़ायम अ.ज. शहर चीज़र ने अपने दर्स-ए-अख़लाक में कहा कि ज़ुल्म और गुनाह इंसान की ज़िंदगी को तबाह और क़यामत में उसके लिए अंधेरा का सबब बनता…