रमज़ान सिर्फ़ एक महीना नहीं है, बल्कि इंसान के अंदर की सच्चाई और उसकी रूह के सफ़र का एक टेस्ट है। यह वह महीना है जिसमें अल्लाह तआला अपने बंदों को काम करने के लिए बुलाता है। कुरान सिर्फ़ पढ़ने…
हौज़ा / कुरआन की आयतों के कभी-कभी कई मतलब होते हैं। एक मतलब तो ज़ाहिरी और आम लोगों के समझने लायक होता है, और दूसरा अंदरूनी और गहरा मतलब होता है, जिसे आयत का “बतन” कहा जाता है। इस छिपे हुए मतलब…
हौज़ा/ ग़ीबत एक ऐसा पाप है जो बहुत आसानी से ज़बान पर आ जाता है, लेकिन इसके परिणाम दुनिया और आख़िरत, दोनों में बेहद गंभीर होते हैं। ज़बान के ज़रिए होने वाले इस हक़्क़ुन नास से निजात के लिए चार…