हौज़ा / हुज्जतुल इस्लाम मुहक़्क़िकी ने कहा कि माह-ए-रमज़ान मुबारक इंसान के लिए फ़ितरत-ए-इलाही की तरफ़ लौटने, अपने नफ़्स का मुहासिबा करने और पूरे साल की बंदगी की बुनियाद रखने का बेहतरीन मौका है।
हौज़ा / सदियों से फ़लसफ़ीयों और इल्म ए क़लाम के जानकार इस सवाल पर विचार करते आए हैं अगर खुदा सबसे पहले से हर चीज़ जानता है, तो फिर इंसान की आज़ादी और इख़्तियार का क्या मक़ाम रहता है? क्या ईश्वर…