हज़रत आयतुल्लाह बहाउद्दीनी (क़) ने इस्तिग़फ़ार के ज़िक्र के महत्व के बारे में एक नैतिक उपदेश में इसे «दुनिया और आख़ेरत की भलाई के द्वार खोलने की कुंजी बताया है। उन्होंने अमीरुल मोमिनीन हज़रत…
हौज़ा / हुज्जतुल इस्लाम गफूरी ने एपस्टीन द्वीप के घोटाले का जिक्र करते हुए कहा, इस केस ने पश्चिमी सभ्यता का असली और भ्रष्ट चेहरा बेनकाब कर दिया और दिखा दिया कि जो संस्कृति मानवाधिकारों की दावेदार…
मनुष्य अक्सर गुनाह को सिर्फ अपने और अल्लाह के बीच एक निजी मामला समझ लेता है, जबकि कुछ ऐसे कार्य भी होते हैं जो इमाम-ए-ज़माना (अ.ज.) के पाक दिल को गहरा दुख पहुँचाते हैं और उनकी रूह को आहत कर देते…
हौज़ा / जब फिक्री और अख़्लाक़ी लगज़ीश आम हो चुकी थीं, तो एक रिवायत में हज़रत इमाम हादी (अ.स.) एक बेहद अहम बीमारी की तरफ़ इशारा करते हैं,मुश्किलात को ज़माने से मंसुब करना...... ।
हौज़ा / माह ए मुबारक रजब अल्लाह तआला की तरफ़ रुजू, दुआ, तवस्सुल और ख़ास तौर पर इस्तिग़फ़ार का महीना है।रहबर-ए-इंक़ेलाब-ए-इस्लामी के मुताबिक़ इस बरकत वाले महीने में सबसे ज़्यादा शायस्ता और अफ़ज़ल…
हौज़ा/इस्लामिक रिवायतो के अनुसार, रजब का महीना एक खास और नेक महीना है जो इबादत, दुआ, माफ़ी मांगने और रूहानी कामों से भरा होता है, और यह इंसान का अल्लाह और उसके संतों के साथ रिश्ता मज़बूत करता…