उस्ताद मोहसिन क़राअती ने एक शिक्षाप्रद घटना के माध्यम से बेकार और नष्ट हो जाने वाली वस्तुओं तथा उपयोगी चीज़ों के बीच अंतर स्पष्ट करते हुए जीवन में सही चुनाव की समझ पर चर्चा की है।