हौज़ा/अगर अबू तालिब और उनका बेटा इमाम अली अ.स. न होते तो दीन का नाम व निशान तक न होता, अबू तालिब ने मक्के में आपका भरपूर सहयोग दिया और आपके बेटे ने मदीने में भरपूर योगदान किया।