हौज़ा / इंसानी इतिहास का एक पक्का उसूल है कि झूठ कुछ समय के लिए शोर मचा सकता है, लेकिन वह कमज़ोर, खोखला और आखिर में अपनी फितरत में हार जाता है। कुरान की यह घोषणा केवल एक नैतिक सलाह नहीं है, बल्कि…
हौज़ा/ यह सवाल देखने में छोटा लगता है, लेकिन असल में यह एक बड़ी फ़िक्री गलती और भटकाव की ओर इशारा करता है। समस्या सिर्फ़ उस मिम्बरी अफ़साने में सबूतों की कमी नहीं है, बल्कि वह सोच भी है जिसने…
हौज़ा/ मौलाना डॉ. सैयद कल्बे सादिक नक़वी कोई एक इंसान नहीं, बल्कि एक पूरा दौर थे; अहदे बेदारी, ज्ञान का दौर, किरदार का दौर और प्यार का दौर, वे एक सुधारक, एक टीचर, एक उपदेशक, एक कानून के जानकार…