हौज़ा / दश्त-ए-नैनवा में नवासा-ए-रसूल हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम, अपने वफ़ादार असहाब व अनसार समेत शहीद किये जा चुके थे। ख़ैमे जलाये जा चुके थे, अहल-ए-हरम को असीर बना लिया गया था और यज़ीदी इक़्तेदार…