हौज़ा / मौलाना इमरान अहमद आज़मी ने जुमआ के ख़ुतबे में हसद को इंसान के ईमान, अख़लाक़ और आख़िरत के लिए नुक़सानदेह बताते हुए कहा कि दूसरों को अल्लाह की नेमतों से नवाज़ा देखकर जलने के बजाय हमें अल्लाह…