गुस्सा न करना अपने आप में कोई बीमारी नहीं है, क्योंकि कुछ लोग नैचुरली शांत और टॉलरेंट होते हैं। लेकिन, बीमारी तब मानी जाती है जब कोई इंसान ज़रूरत पड़ने पर भी रिएक्ट न करे या अपने गुस्से को दबाकर…
हौज़ा/ इमाम जाफ़र सादिक़ (अ) ने एक रिवायत में क्रोध और बुद्धि के बीच संबंध पर प्रकाश डाला है।