घाव (1)

  • तारीख़ के ज़ख़्म फिर ताज़ा हो गए!

    धार्मिकतारीख़ के ज़ख़्म फिर ताज़ा हो गए!

    कर्बला सिर्फ़ एक शहर का नाम नहीं, बल्कि हक़, हुर्रियत, वफ़ा, ईसार और ज़ुल्म के मुक़ाबले में इस्तिक़ामत की वह अमर निशानी है, जिसने चौदह सदियों से इंसानियत को एक ज़िंदा पैग़ाम दिया है। यही वजह…