अमीरुल मोमिनीन हज़रत अली (अ) ने अपने पुत्र के नाम लिखे एक पत्र में रोज़ी की वास्तविकता तथा उसे प्राप्त करने के प्रयास में मन की शांति और अल्लाह पर भरोसा रखने की आवश्यकता को स्पष्ट किया है।
हौज़ा/तौहीद के नज़रिए से, अल्लाह ही असली देने वाला है और इंसान सिर्फ़ जीविका देने का एक माध्यम है। इंसानों को जीविका देना अल्लाह की मर्ज़ी पर है, उससे अलग और आज़ाद नहीं। इस बात को समझने से इंसान…