हौज़ा / क़यामत के दिन जो काफ़िर की हालत में मरेंगे उन पर फ़रिश्तों की लानत होगी और दुआ करेंगे कि वो ख़ुदा की रहमत से दूर रहें फरिश्तों का इंसानों और उनकी हरकतों से गहरा नाता है।