हौज़ा / हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन नासिर रफ़ीई ने हज़रत मासूमा सलामुल्लाह अलैहा के पवित्र हरम में तकरीर करते हुए कहा कि माहे रजब माफी रहमत और अल्लाह के करीब होने का महीना है।
हौज़ा / जीवन में आने वाली मुसीबतें सिर्फ़ कड़वी घटनाएँ नहीं होतीं, बल्कि रिवायतों के मुताबिक़ कई बार ये गुनाहों के लिए एक छुपा हुआ इलाज साबित होती हैं। अमीरुल मोमिनीन हज़रत अली अलैहिस्सलाम फ़रमाते…
हौज़ा / रहबरे इंकेलाब हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा सय्यद अली ख़ामेनेई ने अपने ख़ुत्बे में इमाम-ए-जमात के तरीक़े और आम लोगों से राब्ते की अहमियत पर रौशनी डालते हुए फ़रमाया कि नौजवानों और आवाम को मस्जिद…