हौज़ा / शुक्रवार को ज़ुहर और अस्र की सोलह रकात में चार रकत नफल का इज़ाफ़ा होता हैं। और बेहतर यह है कि ज़वाल से पहले पूरी की पूरी बीस रकअत पढ़ी जाए।