हौज़ा / 22 बहमन हमें यह सबक सिखाता है कि आज भी अगर हम दुश्मन को पहचानें, सब्र व स्थिरता अपनाएँ, समय पर कदम उठाएँ और एकता को मजबूत रखें, तो कोई भी ताकत हमें हरा नहीं सकता। यही इंक़ेलाब का पैग़ाम…
हौज़ा / अरबईन ए हुसैनी की मुनासिबत से गुरुवार 14 अगस्त 2025 को इमाम ख़ुमैनी इमामबाड़े में छात्र अन्जुमनों की एक मजलिस हुई जिस में देश की अनेक यूनिवर्सिटियों के हज़ारों स्टूडेंट्स ने शिरकत की।