हुज्जतुल इस्लाम मोहम्मदी के अनुसार, शहीदों की कब्र की ज़ियारत करना और उनके लिए नेक कामों का सवाब पहुँचाना किसी विशेष समय तक सीमित नहीं है। ये नेक अमल आलम ए बरज़ख में उनकी रूह तक आध्यात्मिक नेमतों…