परिवार नियोजन (9)
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इस्लामी घरानाः
धार्मिकइंसान की शख़्सियत समाज की संस्कृति की बुनियाद पर घर के माहौल में बनती है
हौज़ा / घर के माहौल में ही सबसे पहले एक शख़्स की पूरी शख़्सियत व हैसियत, उस समाज की सांस्कृतिक बुनियादों पर वजूद में आती है और यह माँ बाप ही हैं जो इस कर्तव्य को अच्छे से निभा सकते हैं।
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इस्लामी घराना:
धार्मिकमियां बीवी के रोल में बदलाव ग़लत है
हौज़ा / कुछ ग़लत नज़रिए, जो औरतों से मख़सूस नहीं हैं, मर्द भी कभी कभी उन्हीं मतों का पालन करते हैं और यह कहना चाहते हैं कि आइये इस तराज़ू (के पलड़ों) की चीज़ें (मर्द और औरत के रोल) आपस में बदल…
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इस्लामी घरानाः
धार्मिकअच्छी फ़ैमिली के बिना समाज तरक़्क़ी नहीं करता
हौज़ा / हम मैदान में अच्छी फ़ैमिली के बिना तरक़्क़ी मुमकिन नहीं है, इसलिए समाज के लिए अच्छी फ़ैमिली ज़रूरी है।
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इस्लामी घरानाः
धार्मिकअपनी भी हिफ़ाज़त कीजिए और अपने परिवार की भी
हौज़ा / मुसलमान घरानों में एक दूसरे से जुड़ी हुई और आपस में एक दूसरे को हक़ और सब्र की नसीहत करने वाली इकाई मौजूद है। क़ुरआन कहता है कि ऐ ईमान वालो! अपने आपको और अपने परिवार के लोगों को जहन्नम…
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इस्लामी घरानाः
धार्मिकजब फ़ैमिली बिखर जाती है तो समाज में बुराइयां अपनी जड़ें फैला देती हैं
हौज़ा / एक स्थिर और मजबूत परिवार ही स्वस्थ समाज की नींव होता है। जब परिवारों में एकता, प्रेम और सहयोग की भावना कमजोर पड़ती है, तो समाज में अराजकता, अनैतिकता और अपराध जैसी बुराइयाँ फैलने लगती…