इमाम अली (अ) ने मुआविया को लिखे अपने पहले पत्र में, पिछले ख़ुलफ़ा के तरीक़े के अनुसार अपनी ख़िलाफ़त की घोषणा करते हुए, उससे अपनी बैअत लेने और शाम (सीरिया) को अब्दुल्लाह बिन अब्बास के हवाले करने…