हौज़ा / माता-पिता का अमल, ख़ास तौर पर माँ का, बच्चे के लिए एक स्थायी नमूना होता है बच्चे देख कर सीखते हैं,नसीहत सुन कर नहीं।
परवरिश में सब्र, लगातार ध्यान और माँ की सक्रिय भागीदारी ज़रूरी होती…
हौज़ा / इंसान के बच्चे की तरबियत का बेहतरीन तरीक़ा यह है कि माँ की मोहब्बत के साए में परवरिश पाए। वो औरतें जो अपनी औलाद को इस तरह की अल्लाह की नेमत से वंचित रखती हैं, ग़लती का शिकार हैं। उनकी…
हौज़ा/ बच्चे की एक्टिविटी और बिहेवियर तभी ठीक है जब तीन रेड लाइन्स का पालन किया जाए: वे खुद को नुकसान न पहुँचाएँ, किसी और को चोट न पहुँचाएँ या नुकसान न पहुँचाएँ, और चीज़ों को नुकसान न पहुँचाएँ।…