पैग़म्बर-ए-अकरम (स) ने एक रिवायत मे शिक्षकों और अध्यापकों के हक में इस प्रकार दुआ की है।
इमाम जाफ़र सादिक़ (अ) एक रिवायत में उस घर की बरकत और खास इज्ज़त बताते हैं जिसमें कुरआन पढ़ा जाता है।