हौज़ा/परहेज़गार और मुत्तक़ी लोगों से दोस्ती रखो क्योंकि यही परहेज़गार और मुत्तक़ी लोग ही ऐसे हैं जो केवल अल्लाह की मर्ज़ी और उसकी ख़ुशी के लिए तुमसे दोस्ती रखेंगे और कठिन से कठिन परिस्थिति में…