हज़रत फ़ातिमा मासूमा सलामुल्लाह अलैहा का क़ुम आगमन केवल मदीना से शुरू हुई एक यात्रा का अंत नहीं था, बल्कि यह इस शहर के इतिहास में एक नए अध्याय की शुरुआत और अहलेबैत अलैहिमुस्सलाम की शिक्षाओं के…
हौज़ा-ए-इल्मिया के प्रमुख आयतुल्लाह अली रज़ा आराफ़ी ने कहा कि मुहर्रम और सफ़र का समय जोश, जागरूकता और प्रतिरोध को बढ़ाने की विशेष क्षमता रखता है। उन्होंने अमेरिका के साथ सभ्यतागत संघर्ष को रोकने…
खामोशी हमेशा मासूमियत नहीं होती, कभी-कभी यह गुनाह बन जाती है, कभी-कभी यह धोखा बन जाती है। और जब उम्माह चुप हो जाती है, तो ज़ालिम तलवार नहीं, ताकत उठाते हैं!
हौज़ा / हज़रत उम्मुल बनीन फातिमा कलबिया के वफ़ात दिवस के मौके पर तारागढ़, अजमेर, इमाम बारगाह अल अबू तालिब मेें खिताब करते हुए मौलाना ने हज़रत उम्मुल बनीन स.ल. के फज़ाइल बयान किया।
हौज़ा / 13 जमादिउस सानी हज़रत अबुल फज़्लील अब्बास अलैहिस्सलाम की वालिदा हज़रत उम्मुल बनीन स.ल. की दुःखद पुण्यतिथि है। हज़रत उम्मुल बनीन स.ल. उन महान और करामात वाली हस्तियों में से हैं जिनकी शरण…