हौज़ा/जिस जगह पर मस्जिद है वहाँ ग़ैर मस्जिद के तौर पर ऊपरी मंज़िल या तहख़ाना बनाना शरीअत के लेहाज़ से मुमकिन नहीं है और नया मंज़िला और तहख़ाना भी मस्जिद के ही दायरे में आएगा और उसे किराए पर देना…