हौज़ा / आज शैतानी ताक़तों ने हक़ के मोर्चे के ख़िलाफ़ जंग में अपनी सारी ताक़त लगा दी है। इसलिए विभिन्न धार्मिक आंदोलनों को जिहादे तबइनऔर व्यक्तियों की सही परवरिश का केंद्र बनना चाहिए।
हौज़ा / पैग़म्बर (स) ने एक हदीस में अपने परिवार के साथ बैठने के महत्व का ज़िक्र किया है।