मारफ़त, इंसान को बनाने का एक हिस्सा है। जब इंसान को बनाया गया, तो उसे कुदरत पर बनाया गया। अब सवाल यह उठता है कि उसे किस कुदरत पर बनाया गया, एकेश्वरवाद की कुदरत पर या ज्ञान पाने की कुदरत पर?
हौज़ा / इस्लामी क्रांति के सुप्रीम लीडर ने हालिया दंगो और ईरान की मौजूदा स्थिति से संबंधित अपने भाषण मे कहा कि अल्हम्दुलिल्लाह, इस देशद्रोह को खत्म करना ईरानी राष्ट्र का काम है।
हौज़ा /हौज़ा ए इल्मिया ख़ुरासान के अध्यापक ने कहाः ऐतराज़ और फ़ितना व फ़साद मे अंतर है। जायज़ ऐतराज़ ना यह कि केवल सही है बल्कि किसी समाज की बेहतरी का कारण भी बनता है।
हौज़ा / शेख जुनैद बग़दादी जो एक प्रसिद्ध सूफ़ी ज्ञानी थे, जब बहलोल से मिले, तो उन्होंने महसूस किया कि अपने खाने-पीने, बात करने और सोने के बाहरी आचारों का पालन करना असली मकसद के बिना नाकाफी है।…