हौज़ा / इमाम जाफ़र सादिक़ अलैहिस्सलाम की एक रिवायत में गुनाहगार के लिए इमाम हुसैन (अ.स.) की ज़ियारत के रास्ते का एक महत्वपूर्ण अमल बताया गया है।