हौज़ा / आयतुल्लाहिल उज़्मा जवादी आमोली ने कहा,कुछ लोगों को 'ग़ाइब-ए-आले मुहम्मद (स.ल.व.)' पसंद हैं, न कि 'क़ाइम-ए-आले मुहम्मद (स.ल.व.) जबकि असली मुंतज़िर वह हैं जो ज़हीद और तक़्वा के साथ-साथ…