शिया मरजअ तक़लीद ने इस्लामी क्रांति के शुरूआती दिनो और पवित्र प्रतिरक्षा की स्थिति को याद करते हुए कहाः जिस प्रकार उस समय दुशमन अपने गलत अनुमानो के कारण असफल हुआ और अंतः गिड़गिड़ाने पर विवश हो…