मोहर्रम 1448 हिजरी की शब-ए-आशूरा मे कर्बला मुक़द्दस में लाखों ज़ायरीन ने हज़रत इमाम हुसैन और हज़रत अबुल फ़ज़्लिल अब्बास की पवित्र दरगाह में इबादत, दुआ और अज़ादारी के ज़रिए रात भर जागकर इबादत…
जब इमाम हुसैन (अ) और उनके साथी कर्बला में दुश्मन की सेना के घेरे में आ गए थे। इस दिन के लिए कई दीनी काम बताए गए हैं, जैसे हक़ूक़-उन-नास अदा करना, इमाम हुसैन (अ) और हज़रत अब्बास (अ) की ज़ियारत…