शहर की सभी इमामबारगाहों और अज़ाखानों में मजलिसों और मातम का सिलसिला अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है, क्योंकि यौम-ए-आशूरा नजदीक आ रहा है। इस अवसर पर सभी स्थानों पर विदाई मजलिसें आयोजित की गईं।