हौज़ा / दोस्तों, सहारनपुर की उस मस्जिद का मामला सिर्फ एक इमारत गिराने भर का नहीं। यह हमारे इतिहास, हमारी विरासत, और हमारे न्याय पर उठते सवालों का मामला है।
कुरआन को छोड़ना (हिज्र) सिर्फ़ पढ़ना छोड़ना नहीं है, बल्कि कुरान के मतलब समझने, उसके हुक्म पर चलने और ज़िंदगी के हर मामले में उसे गाइड करने से बचना भी है।