हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, निम्नलिखित हदीस «असूल काफ़ी» किताब से ली गई है। इस हदीस का पाठ इस तरह है:
قال الامام الصادق علیه السلام:
«ثَلاثَةٌ یَشْکُونَ إِلَى اللَّهِ عَزَّوَجَلّ: مَسْجِدٌ خَرَابٌ لا یُصَلَّى فِیهِ أَهْلُهُ، وَعالِمٌ بَیْنَ جُهّالٍ، وَمُصْحَفٌ مُعَلَّقٌ قَدْ وَقَعَ عَلَیهِ غُبارٌ، لا یُقْرَأُ فِیهِ.»
हज़रत इमाम जाफ़र सादिक़ (अ) ने फ़रमाया:
क़यामत के दिन अल्लाह से तीन चीज़ों शिकायत करेंगी:
1: एक सुनसान मस्जिद जिसमें उसके पड़ोसी नमाज़ न पढ़ते हों
2: एक जानकार जो अनजान लोगों से घिरा हो (और वे उससे कोई फ़ायदा न उठाते हों)
3: एक कुरान जो लटका हुआ हो, धूल से ढका हो और पढ़ा न जाता हो।
उसुल अल-काफ़ी, भाग4, पेज 417
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