हौज़ा / हज़रत इमाम अली (अ.स.) की पूरी जिंदगी इंसानियत, इंसाफ, और अल्लाह की इबादत का बेहतरीन नमूना है उनकी हयात-ए-तैय्यबा सिर्फ मुसलमानों ही नहीं बल्कि पूरी इंसानियत के लिए एक आदर्श है।
हज़रत फ़ातेमा मासूमा स.ल.की दरगाह के ख़तीब ने यह बयान करते हुए कि शहीदों ने फर्ज़ों की अदाईगी हराम कामों को छोड़ने और आत्मिक मामलों में बहुत ही सतर्कता दिखाई और कहा कि शहीदों की जीवनशैली नई पीढ़ी…