हौज़ा / सैयद मुहम्मद बाक़िर गुलपायगानी ने अपने शोक संदेश में कहा कि आयतुल्लाहिल उज़्मा शुबैरी ज़ंजानी फिक़्ह और उसूल में बेमिसाल गहरी समझ रखने वाले महान विद्वान और हौज़ा ए इल्मिया के प्रमुख स्तंभों…
सब्र करने वाला मज़लूम वह व्यक्ति है जो अपने हक़ को पहचानता है और उसे हासिल करने के लिए प्रयास भी करता है, लेकिन साथ ही वह अत्याचार को अपने ईमान और अल्लाह के प्रति अपने तौहीदी विश्वास को प्रभावित…
सख़्त-तरीन सियासी दबाव के बावजूद कभी राहे-हक़ से क़दम पीछे नहीं हटाया। आपकी तालीमात और इल्मी व अख़लाक़ी विरासत ने उम्मत के लिए ऐसा क़ीमती सरमाया छोड़ा, जो आने वाली नस्लों के लिए चराग़-ए-राह बन…
हौज़ा / हुज्जतुल इस्लाम महमूद कारगर ने दुश्मनों की ओर से पैदा की गई कठिन परिस्थितियों और मानसिक दबावों की ओर इशारा करते हुए कहा कि सब्र और स्थिरता ही जीत का राज़ है और डर फैलाने या बाहरी दबाव…
हौज़ा/ हज़रत फ़ातिमा ज़हरा (सला मुल्ला अलैहा) का फ़दक वाला खुत्बा न सिर्फ़ राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर रोशनी डालता है, बल्कि इसमें महिलाओं के लिए आध्यात्मिक, नैतिक और सामाजिक शिक्षाएँ भी शामिल…