मुहर्रमुल-हराम केवल इमाम हुसैन (अ) के ग़म का महीना नहीं है, बल्कि यह सत्य और असत्य के बीच निरंतर संघर्ष का संदेश भी है। कर्बला की घटना ने धैर्य, दृढ़ता और सत्य पर अडिग रहने की ऐसी मिसाल पेश की…