हौज़ा / जन्नत वालों को बस इस बात का अफ़सोस होगा कि उन्होंने दुनिया में कुछ वक़्त के लिए ख़ुदा की याद से बेपरवाही बरती। क्योंकि अल्लाह ही तमाम फ़ायदों और सच्ची दोस्ती का ज़रिया है और वही इंसान…
हौज़ा/ पैग़म्बर मुहम्मद (स) ने एक रिवायत में मज़दूरों के अधिकारों पर विचार करने की आवश्यकता पर बल दिया है।