हौज़ा/बाप और जो लोग उसके यहां खाना खाते हैं उनके लिए हकीक़े का गोश्त खाना मकरूह है खास तौर से एहतियाते मुस्तहाब है की बच्चे की माँ गोश्त को न खाए।