हौज़ा / हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन नज़री मुनफरिद ने कहा है कि पवित्र कुरआन कविता और शायरी के मूल से कोई विरोध नहीं रखता, बल्कि उस शायरी की प्रशंसा करता है जो ईमान, सत्य-निष्ठा और समाज के नैतिक…
हौज़ा / जब हज़रत अबू तालिब ने ईमान का यह अंदाज़ और यह दृढ़ता देखी, तो उनका चेहरा तसल्ली और फख्र से चमक उठा उन्होंने देखा कि उनके भतीजे हज़रत मुहम्मद (स.ल.व.), तमाम मुश्किलों के बावजूद अपने पैग़ाम…