जब आयतुल्लाह मरअशी नजफ़ी अपनी बेटी के दहेज की व्यवस्था के लिए गंभीर आर्थिक परेशानी में थे और उन्होंने टूटे हुए दिल के साथ हज़रत मासूमा (स) से शिकायत की, तो सपने में उन्हें जो जवाब मिला, उसने…
हौज़ा / हज़रत इमाम जाफर सादिक अ.स.ने फरमाया,فمن زارھا وجبت لہ الجنۃ का अर्थ यह है कि जिसने भी उनकी ज़ियारत की, उसके लिए जन्नत वाजिब हो गई।लेकिन महत्वपूर्ण बात यह है यह वादा बिना शर्त नहीं है।…